स्ट्रोक के साधारण लक्षण

जब स्ट्रोक होता है तो समय बहुत कीमती है ! इसलिए स्ट्रोक के यह साधरण लक्षण जानिये, याद रखिये और दूसरों के साथ भी साझा करिये। धन्यवाद

जब स्ट्रोक होता है तो समय सबसे ज़्यादा मायने रखता है। जितनी जल्दी स्ट्रोक को पहचाना जाता है और मरीज को उसके अनुसार एक स्ट्रोक के इलाज वाले अस्पताल तक पहुँचाया जाता है, उतना ही मस्तिष्क को कम नुकसान होता है। अन्यथा स्ट्रोक मौत या जीवन प्रयन्त विकलांगता का कारण बन सकता है। यह समझिए कि इस वक्त ‘ समय ही मस्तिष्क है ‘

यह भी ज्ञात होना चाहिए कि स्ट्रोक कभी भी किसी को भी हो सकता है। ५-६ साल के बच्चों में, पहलवानों में, यहाँ तक कि गर्भ तक में स्ट्रोक देखा गया है !

इस संदर्भ में स्ट्रोक होने के बाद की 2-3 घंटे की अवधि को ’गोल्डन आवर’ ( Golden Hour ) कहा जाता है क्योंकि यदि इस अवधि के भीतर उचित उपचार प्रदान किया जाता है तो मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान कम से कम होता है। और स्ट्रोक के बुरे एवं स्थायी परिणामों की सम्भावना कम होती जाती है।

लेकिन स्ट्रोक जागरूकता बहुत सीमित है। कई बारी तो स्ट्रोक एक ‘क्षणिक इस्केमिक अटैक’ ( TIA or Transient Ischemic Attack ) के रूप में होता है जिसके लक्षण कुछ मिनटों में समाप्त हो जाते हैं। लेकिन यह एक लक्षण है कि एक बड़ा स्ट्रोक कभी भी हो सकता है। इस स्थिति में भी मरीज़ का जल्दी से जल्दी सही अस्पताल पहुंचना बहुत ज़रूरी है।

इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि जब स्ट्रोक होने वाला हो ऐसे लक्षणों को तुरंत पहचाना जाये। कुछ साधारण ऐसे लक्षण हैं :

चेहरा (FACE) : व्यक्ति को मुस्कुराने के लिए कहें। क्या एक तरफ का चेहरा / होठ नीचे झुक रहें हैं ?
बाँहें (ARMS) : व्यक्ति को दोनों बाहें ऊपर उठाने को कहें। क्या एक बांह उठती नहीं है या दूसरी से नीचे रहती है ?
बोलना ( SPEECH) : व्यक्ति को एक साधारण वाक्य बोलने के लिए कहें। क्या शब्द सहीं बोले जा रहे है ? क्या वह व्यक्ति वाक्य को सही ढंग से दोहरा सकता है ?

अगर इनमें से कोई भी सही नहीं लगता है तो यह समय (TIME) है के व्यक्ति को तुरंत सही अस्पताल पहुँचाया जाए। वहां पर भी अगर नर्स/ डॉक्टर इत्यादि तो बोल दिया जाए की स्ट्रोक की सम्भावना दिखती है तो और भी बेहतर होगा

अंग्रेजी में ऊपर के लक्षण “फास्ट” (FAST) संक्षिप्तिकरण में अक्सर बोले जाते हैं।

हाल में इस स्टडी के अनुसार दो और लक्षण भी स्ट्रोक की सम्भावना का सूचक मान लिए गए हैं। ये हैं :

संतुलन: क्या व्यक्ति संतुलन खोने के लक्षण दिखा रहा है – उदाहरण के लिए चलने में कठिनाई।
आंखें: क्या दृष्टि की समस्या है – धुंधली, दोहरी दृष्टि आदि …

तो अब अंग्रेजी संक्षिप्तिकरण बन गया है ‘ बी फ़ास्ट ‘ (BE FAST)

अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखता है तो मरीज़ को जल्दी से जल्दी नज़दीकी स्ट्रोक हस्पताल में ले जाएं !

स्ट्रोक पीड़ित व्हाट्सप्प ग्रुप ज्वाइन करें : https://strokesupport.in/contact

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